Badlon ke Pare

बादलों के परे हूँ मैंशायदआसमान हूँ मैं ख़ुशियों की हवाओं मेंहै मेरी उड़ानफिर भी परेशान हूँ मैं अपने आप को ढूँढने निकला हूँअपने आप सेअनजान हूँ मैं फ़िज़ाओं में क़ैद हूँहाँ ख़ुदा नहीं हूँइंसान हूँ मैं

Like the Butterflies

Many colourson our wingsWe are likethe butterflies Flutteringin the breezeIn frolic and in painAlways looking nice The warm long hugsThe loud happy laughsPats on the headsAnd the soothing lullabies Talks on the swingsstretching into the nightsongs of nostalgiaand a pair of moist eyes Memories add a tingeto the colours on our wingsSome dark crimsonSome matchingContinue reading “Like the Butterflies”

Destination wherever (Manzil Kahan)

सुबह कीख़ामोश रास्तों पररोशनी की किरण हूँ में रात कीसोए हुए अंधेरों कीपहली सुबह हूँ मैं ख़्वाबों के अधूरे अल्फ़ाज़ों कीअनकही कहानी हूँ में सफ़र कीअनजान राहों काअकेला राही हूँ मैं मंज़िलों कीपहचान नहीं हैंशायद पहुँच गया हूँ मैं